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लाभार्थियों के DBT में शिथिलता पर सख्त केशव मौर्य, बोले- भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज वर्ष 2026-27 की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए जिलेवार आवंटन सूची को स्वीकृति प्रदान की। प्रथम चरण में प्रदेश…

24GhanteOnline
September 3, 2026
3 min read
लाभार्थियों के DBT में शिथिलता पर सख्त केशव मौर्य, बोले- भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं

लखनऊ।  उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज वर्ष 2026-27 की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए जिलेवार आवंटन सूची को स्वीकृति प्रदान की। प्रथम चरण में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए 5 लाख 56 हजार 634 आवासों को स्वीकृति दी गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रदेश के लाखों गरीब एवं वंचित परिवारों के अपने पक्के आवास के सपने को साकार होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

प्रयागराज को मिले 17,004 आवास स्वीकृति

इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रयागराज जनपद के ग्रामीण निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों को विशेष सौगात देते हुए 17,004 (सत्रह हजार चार) पक्के आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि प्रयागराज सहित प्रदेश के प्रत्येक ग्रामीण अंचल में पात्र लाभार्थियों को गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना डबल इंजन सरकार का दृढ़ संकल्प है।

75 जनपदों को 5,56,634 आवास स्वीकृति

पूरे प्रदेश के ग्रामीण निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए 6.18 लाख लक्ष्य का 90% (5,56,634) लक्ष्य का आवंटन ग्राम पंचायतवार कर दिया गया है। जिलेवार आवंटन में सीतापुर को 47,160, सोनभद्र को 35,412, बहराइच को 27,229, खीरी को 24,139, प्रतापगढ़ को 23,092, बांदा को 21,673, प्रयागराज को 17,004, मिर्जापुर को 16,109, सुल्तानपुर को 16,032, जौनपुर को 15,253, बाराबंकी को 15,124, हरदोई को 14,871, अमेठी को 14,414, रायबरेली को 13,464, फतेहपुर को 13,207, गोंडा को 12,348 और शाहजहांपुर को 11,308, आजमगढ़ को 10,824 आवास सहित 75 जनपदों को 5 लाख 56 हजार 634 आवासों को स्वीकृति प्रदान की गयी।

प्रधानमंत्री का लक्ष्य-गरीबी समाप्त होने तक रुकूँगा नहीं

श्री मौर्य  ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट एवं दृढ़ संकल्प रहा है— 'जब तक गरीब की गरीबी समाप्त नहीं कर दूंगा, उसको सामान्य एवं गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार नहीं दिला दूंगा, तब तक रुकूँगा नहीं।' इसी अंत्योदय के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों को आवास आवंटित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार पारदर्शी एवं त्वरित कार्यप्रणाली के माध्यम से राज्य के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँच रही है। हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि राज्य के किसी भी नागरिक को पक्के मकान की आवश्यकता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

DBT एवं जिओ-टैगिंग

उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने प्रमुख सचिव एवं आयुक्त, ग्राम विकास सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारीयों को स्वीकृत आवासों की अग्रिम प्रक्रिया तुरंत शुरू करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। योजना की राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer - DBT) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से भेजी जाएगी। निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण की पारदर्शी मॉनिटरिंग के लिए जिओ-टैगिंग (Geo-tagging) व्यवस्था का सख्ती से पालन किये जाने के निर्देश दिए साथ ही अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। पात्र लाभार्थियों के चयन और वित्तीय सहायता प्रदान करने में किसी भी प्रकार की शिथिलता या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्रीने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग का सशक्तिकरण है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है।

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