करवा चौथ की पूजा में कुछ छूट न जाए! नोट करें पूरी लिस्ट
Karwa Chauth 2026: सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद खास माना जाता है। इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए…
24GhanteOnline
October 28, 20263 min read

Karwa Chauth 2026: सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद खास माना जाता है। इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। शाम के समय माता करवा और चंद्रदेव की पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। ऐसे में पूजा की थाली को सही सामग्री से सजाना बेहद जरूरी माना जाता है।
पूजा की थाली में क्या-क्या रखें?
करवा चौथ की पूजा के लिए सबसे पहले एक साफ और सुंदर थाली लें, जिसमें सभी पूजन सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखा जा सके। इसमें माता करवा की तस्वीर या मूर्ति, जल से भरा मिट्टी का करवा, चावल और साबुत अक्षत, रोली और चंदन जरूर रखें। पूजा के दौरान धूप-बत्ती, शुद्ध घी का दीपक और उसे जलाने के लिए माचिस भी थाली में शामिल करें।
सुहाग का सामान भी रखें
करवा चौथ की पूजा में सुहाग की सामग्री का भी विशेष महत्व माना जाता है। थाली में चूड़ियां, महावर, सिंदूर और बिंदी जैसी चीजें रखी जा सकती हैं। इन्हें माता करवा को अर्पित किया जाता है। इसके अलावा पूजा के लिए प्रसाद भी तैयार रखें। आटे या चीनी से बनी चीजों को प्रसाद के रूप में पूजा में रखा और बाद में ग्रहण किया जा सकता है।
चांद देखने के लिए छलनी जरूरी
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। इसलिए पूजा की थाली में साफ छलनी यानी चलनी जरूर रखें। चांद निकलने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा के दर्शन करती हैं और फिर इसी के जरिए पति का चेहरा देखती हैं। इसके साथ चंद्रदेव को अर्घ्य देने के लिए साफ पानी से भरा छोटा लोटा या कलश भी पास में रखें।
व्रत खोलने के लिए ये चीजें रखें
चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने के लिए पानी और कुछ मीठा या प्रसाद पहले से तैयार रखना चाहिए। पूजा पूरी होने के बाद इन्हें ग्रहण किया जाता है। इसलिए छलनी, जल का लोटा, पानी और प्रसाद को पूजा की थाली के साथ तैयार रखना सुविधाजनक रहेगा।
बायना देने की भी है खास परंपरा
करवा चौथ पर बायना देने की परंपरा का भी विशेष महत्व माना जाता है। पूजा के बाद सुहाग की थाली में फल, मेवे, मिठाई, सुहाग का सामान और कपड़े रखकर सास या परिवार की किसी आदरणीय बुजुर्ग महिला को भेंट किया जाता है। यह परंपरा बड़ों के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम मानी जाती है।
सास या बुजुर्ग महिला से मिलता है आशीर्वाद
बायना देने के बाद परिवार की बड़ी महिलाएं सुहागिन को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद देती हैं। मान्यता है कि इस परंपरा को निभाने से पारिवारिक रिश्तों में प्रेम और अपनापन बढ़ता है। इसलिए करवा चौथ की पूजा की तैयारी करते समय बायना की सामग्री भी पहले से तैयार रखना चाहिए।
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