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PM सूर्य घर योजना में कानपुर की बड़ी उपलब्धि, सोलर रूफटॉप स्थापना में प्रदेश में तीसरा स्थान

लखनऊ/कानपुर नगर: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा (AK Sharma) के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नित नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में कानपुर नगर में बिजली उत्पादन का स्वरूप तेजी से…

24GhanteOnline
January 15, 2026
3 min read
PM सूर्य घर योजना में कानपुर की बड़ी उपलब्धि, सोलर रूफटॉप स्थापना में प्रदेश में तीसरा स्थान

लखनऊ/कानपुर नगर: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा (AK Sharma) के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नित नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में कानपुर नगर में बिजली उत्पादन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के तहत शहर की छतों पर स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम से करीब 64 मेगावाट क्षमता की सौर बिजली तैयार हो रही है। अब तक जिले में 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे उत्तर प्रदेश नेडा के आंकड़ों के अनुसार सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में कानपुर नगर प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। शहर की छतें अब छोटे-छोटे पावर हाउस के रूप में उभर रही हैं। इस उपलब्धि पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने जनपदवासियों को बधाई दी है।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार 64 मेगावाट सौर उत्पादन सालाना लगभग 9.6 करोड़ यूनिट स्वच्छ ऊर्जा के बराबर है। मौजूदा बाजार दरों के आधार पर इस बिजली का वार्षिक आर्थिक मूल्य करीब 34 से 38 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इतनी मात्रा में बिजली पारंपरिक स्रोतों से खरीदी जाए, तो सरकार, संस्थानों और उपभोक्ताओं को हर वर्ष इतनी बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती। छतों पर सोलर संयत्र स्थापित करवाने वाले लोगों के बिजली के बिल भी कम आ रहे हैं।

फरवरी 2024 से शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के अंतर्गत जिले में सोलर रूफटॉप स्थापना की रफ्तार लगातार बनी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आवासों के साथ-साथ बहुमंजिला भवनों और हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया में भी सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे शहरी स्तर पर विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन का आधार मजबूत हो रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक 64 मेगावाट सौर उत्पादन से सालाना करीब 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है, जिसे पर्यावरणीय दृष्टि से लगभग 35 लाख पेड़ों के बराबर लाभ माना जा रहा है। इसके अलावा इतनी क्षमता से प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है। कोयला आधारित बिजली की तुलना में सौर ऊर्जा को सस्ती, प्रदूषण-मुक्त और दीर्घकालिक समाधान माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के तहत प्रति किलोवाट सोलर रूफटॉप सिस्टम से रोजाना औसतन करीब 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सोलर सिस्टम की लागत प्रति किलोवाट लगभग 60 से 65 हजार रुपये बताई गई है। योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी की व्यवस्था की गई है, जिसमें एक किलोवाट पर कुल 45 हजार रुपये तक का अनुदान तथा अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित है। इसके साथ ही बैंकों के माध्यम से 6 से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

परियोजना अधिकारी, नेडा, कानपुर नगर राकेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि योजना को शासन के निर्देश पर तेजी से लागू किया जा रहा है और जिले में सोलर रूफटॉप स्थापना की गति लगातार बढ़ रही है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है और जनपद में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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