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झारखंड में JPSC-JSSC विवाद गरमाया, बाबूलाल मरांडी समेत BJP नेता हिरासत में

रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। इसी बीच बीजेपी भी आंदोलन में खुलकर शामिल हो…

24GhanteOnline
August 10, 2026
3 min read
झारखंड में JPSC-JSSC विवाद गरमाया, बाबूलाल मरांडी समेत BJP नेता हिरासत में

रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। इसी बीच बीजेपी भी आंदोलन में खुलकर शामिल हो गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना दे रहे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

छात्रों का विधानसभा घेराव मार्च

पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्र पुरानी विधानसभा भवन के पास जुटे और नई विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों के बैरिकेड पार करने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

छात्र JPSC-JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कई दिनों से भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने की CBI जांच की मांग

हिरासत में लिए जाने के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे को टाल रही है। उन्होंने JPSC, JSSC और CGL से जुड़े मामलों की CBI जांच कराने की मांग की।

बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार की जांच एजेंसियों पर छात्रों को भरोसा नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

महुआ माजी ने विपक्ष पर साधा निशाना

वहीं, JMM सांसद महुआ माजी ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक दल हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच हुई बैठक में 98 फीसदी मांगों पर सहमति बन गई थी, लेकिन बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण प्रदर्शन फिर शुरू हो गया।

महुआ माजी ने कहा कि जिस परीक्षा को लेकर विवाद है, उसका परिणाम अदालत के आदेश के बाद आया था। ऐसे में सरकार अपने स्तर पर उसे रद्द नहीं कर सकती।

सरकार और छात्रों के दावों में अंतर

झारखंड सरकार का दावा है कि उसने प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। सरकार 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमत हुई है और कथित वित्तीय अनियमितताओं की ED जांच के प्रस्ताव के साथ फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात भी कही है।

हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र सरकार के इस दावे से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी सभी प्रमुख मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यही मुद्दा अब सरकार, छात्रों और विपक्ष के बीच सियासी टकराव का केंद्र बन गया है।

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