गलत चार्जर से बचें! असली-नकली पहचानने के स्मार्ट टिप्स
मोबाइल का चार्जर (Charger) खराब हो जाने पर बहुत से लोग मार्केट जाकर कम कीमत में बिक रहा चार्जर ये समझकर ले आते हैं कि चार्जर ही तो है… फोन तो चार्ज कर दी देगा. लेकिन अगर आपकी भी ऐसी ही सोच है तो अपनी इस सोच को बदल लीजिए…
मोबाइल का चार्जर (Charger) खराब हो जाने पर बहुत से लोग मार्केट जाकर कम कीमत में बिक रहा चार्जर ये समझकर ले आते हैं कि चार्जर ही तो है… फोन तो चार्ज कर दी देगा. लेकिन अगर आपकी भी ऐसी ही सोच है तो अपनी इस सोच को बदल लीजिए क्योंकि आपकी ये सोच आपका बड़ा नुकसान करवा सकती है.
मार्केट में ऑरिजनल बोलकर भले ही कम कीमत में आपको चार्जर (Charger) मिल जाए, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि असली बोलकर बेचा गया चार्जर वाकई असली होगा भी. हम आज आपको बताएंगे कि कैसे इस बात का पता लगाया जा सकता है कि जो चार्जर आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो असली है भी या नहीं?
नकली चार्जर क्यों होते हैं खतरनाक?
आग का खतरा और ओवरहीटिंग: नकली चार्जर (Fake Charger)में लगे कंपोनेंट्स घटिया क्वालिटी के होते हैं जिससे चार्जिंग के दौरान चार्जर तेजी से गर्म होने लगता है. यही नहीं, घटिया क्वालिटी के कारण शॉर्ट-सर्किट होकर आग लगने का भी खतरा बना रहता है.
बैटरी डैमेज: नकली चार्जर सही एम्पीयर (Current) और वोल्टेज नहीं देते जिस कारण बैटरी की चार्जिंग साइकिल खराब होने लगती है. इस वजह से बैटरी जल्दी फूलने लगती है और बैटरी खराब हो जाती है.
इंटरनल पार्ट्स को नुकसान: नकली चार्जर की वजह से जब सही से वोल्टेज सप्लाई नहीं होती है तो चार्जर फोन के मदरबोर्ड (Motherboard) या चार्जिंग IC को डैमेज कर सकता है और इससे फोन पूरी तरह से बेकार हो सकता है.
असली और नकली चार्जर (Charger) में फर्क?
वजन: ऑरिजनल चार्जर आपको नकली चार्जर की तुलना हल्का भारी लग सकता है, इसके पीछे का कारण ये है कि असली चार्जर अच्छी क्वालिटी के ट्रांसफॉर्मर लगाया जाता है.
लेबलिंग और प्रिंटिंग: ऑरिजनल चार्जर की प्रिंटिंग साफ होगी जबकि नकली चार्जर पर प्रिंटिंग धुंधली दिखेगी, इसके अलावा नकली चार्जर लिखे हुए टेक्स्ट में आपको कहीं न कहीं गलती भी जरूर दिख जाएगी.
कीमत: अगर ऑरिजनल चार्जर 1200 रुपए का आ रहा है और मार्केट में आपको चार्जर 250-300 रुपए में मिल रहा है तो ज़रा खुद ही सोचिए कि 250 रुपए वाला चार्जर असली कैसे हो सकता है? नकली चार्जर पर कंपनी का नाम लिखा होने से ये जरूरी नहीं है कि जो चार्जर आप लाए हैं वो असली ही हो, लोकल चार्जर पर भी बड़ी चालाकी से कंपनी का नाम लिख दिया जाता है जिससे लोगों को लगे कि चार्जर असली है. ऐसे में ऑरिजनल चार्जर और मार्केट से खरीद रहे चार्जर की कीमत के बीच के फर्क पर जरूर गौर करें.
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