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'आई लव मोहम्मद' के जवाब में लखनऊ में लगे 'आई लव योगी आदित्यनाथ' के पोस्टर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इन दिनों 'आई लव मोहम्मद' को लेकर प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच भाजपा युवा मोर्चा के नेता द्वारा राजधानी लखनऊ में कई जगह 'आई लव योगी आदित्यनाथ' (I love Yogi Adityanath) और 'आई…

24GhanteOnline
September 27, 2025
2 min read

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इन दिनों 'आई लव मोहम्मद' को लेकर प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच भाजपा युवा मोर्चा के नेता द्वारा राजधानी लखनऊ में कई जगह 'आई लव योगी आदित्यनाथ' (I love Yogi Adityanath) और 'आई लव बुलडोजर' की होर्डिंग्स लगाई गई हैं। यह होर्डिंग्स भाजपा युवा मोर्चा, लखनऊ के महासचिव अमित त्रिपाठी की तरफ से लगाई गई हैं। इसकी तस्वीरें सामने आईं तो सूबे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गईं।

लखनऊ के प्रमुख स्थानों जैसे वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में ये होर्डिंग्स लगाई गई हैं, जिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बुलडोजर की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित हैं। आई लव मोहम्मद पोस्टरों के बाद उपजे विवाद ने पहले ही प्रदेश में माहौल गरमाया हुआ था। इन पोस्टरों को लेकर कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश मान रहे थे।

इसी बीच, बीजेपी नेता अमित त्रिपाठी ने 'आई लव बुलडोजर' और 'आई लव योगी आदित्यनाथ' (I love Yogi Adityanath) लिखी होर्डिंग्स लगाकर जवाबी कार्रवाई की है। इन होर्डिंग्स के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त प्रशासन और उनकी बुलडोजर नीति का समर्थन जताया है।

अमित त्रिपाठी का कहना है कि "हमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से प्यार है। उनके नेतृत्व में बुलडोजर के जरिए गुंडों और माफिया पर की गई कार्रवाई ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। हम इन होर्डिंग्स के माध्यम से यही संदेश देना चाहते हैं कि हमें अपने मुख्यमंत्री और उनकी नीतियों पर गर्व है। कुछ लोग 'आई लव मोहम्मद' जैसे पोस्टरों के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका जवाब ये होर्डिंग्स हैं।

दरअसल, विवाद की शुरुआत 9 सितंबर को हुई थी, जब कानपुर में बारावफात जुलूस के दौरान सार्वजनिक मार्ग पर 'आई लव मोहम्मद' लिखे बोर्ड लगाए गए। इस पर पुलिस ने नौ नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

मामले ने तूल पकड़ते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी तक का ध्यान खींचा, जिन्होंने कहा था कि 'आई लव मोहम्मद' कहना कोई अपराध नहीं है। धीरे-धीरे यह विवाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों से निकलकर उत्तराखंड और कर्नाटक तक फैल गया, जहां विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की सख्ती देखने को मिली।

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