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यूपी का एक गांव ऐसा भी! जहां आज़ादी के बाद पहली बार किसी ने पास की हाईस्कूल परीक्षा

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 25 अप्रैल को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की घोषणा किए थे। जिसमें हाई स्कूल (High School) में 90.11 प्रतिशत और इंटरमीडिएट परीक्षा में 81.15 फीसदी छात्र…

24GhanteOnline
May 3, 2025
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बाराबंकी: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 25 अप्रैल को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की घोषणा किए थे। जिसमें हाई स्कूल (High School) में 90.11 प्रतिशत और इंटरमीडिएट परीक्षा में 81.15 फीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। परीक्षा परिणाम में जालौन के यश प्रताप सिंह 97.83 प्रतिशत अंक हासिल करके हाईस्कूल में टॉपर रहे, जबकि इंटरमीडिएट में महक जायसवाल ने 97.20 फीसदी अंकों के प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन सबके बीच बाराबंकी के छात्र रामकेवल भी चर्चा का विषय बनें हुए हैं।

दरअसल, बाराबंकी जिले के निजामपुर गांव रहने वाले राम केवल पुत्र जगदीश ने यूपी बोर्ड परीक्षा में वो उपलब्धि हासिल की, जो आजादी के बाद से लेकर अब तक कोई भी व्यक्ति हासिल नहीं कर पाया है। राम केवल अपने गांव के पहले छात्र हैं जिन्होंने हाईस्कूल (High School) की परीक्षा पास की है। उनकी इस उपलब्धि से हर कोई खुश है। बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी ने राम केवल की इस सफलता पर उन्हें सम्मानित भी किया है और छात्र व उनके परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। बता दें कि छात्र रामकेवल ने बोर्ड एग्जाम में 600 में से 322 नंबर (यानी 53.6 फीसदी अंक) हासिल किए हैं।

रामकेवल ने बताया, ‘जिस दिन मुझे पता चला कि गांव में कोई भी हाईस्कूल पास नहीं है, बस उसी दिन मैंने तय कर लिया था कि मुझे 10वीं बोर्ड परीक्षा पास करनी है।’ हालांकि, निजामपुर गांव में कुछ लोग हैं जो कक्षा आठ और नौवीं तक पढ़े हैं, लेकिन रामकेवल ने पहली बार हाईस्कूल पास कर रिकॉर्ड बना दिया। छात्र की मेहनत के साथ ही मिशन पहचान जैसी शैक्षणिक पहलों की भी अहम भूमिका मानी जा रही है।

गांव की शैक्षिक स्थिति चिंताजनक

छात्र राम केवल ने अपनी मेहनत से भले ही इतिहास रच दिया हो, लेकिन दो सौ लोगों की आबादी वाले इस छोटे से गांव शैक्षिक स्थिति चिंता जनक है। बनीकोडर ब्लॉक के निजामपुर गांव में तकरीबन 40 घर हैं और इस छोटे से पुरवे में सभी दलित हैं। ये लोग मेहनत, मजदूरी और खेती कर अपना गुजर-बसर करते हैं। गांव में कक्षा पांच तक की शिक्षा के लिए एक परिषदीय विद्यालय है। उससे थोड़ी दूर उच्च प्राथमिक विद्यालय राजा कटरा है।

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रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2013 में निजामपुर गांव के पीछे तकरीबन आधा किलोमीटर दूर राजकीय इंटर कॉलेज अहमदपुर की भी स्थापना हुई थी। लेकिन, अभावों के बीच जीवन यापन कर रहे इस गांव के लोगों ने उच्च शिक्षा में दिलचस्पी नहीं दिखाई। यही कारण हो सकता है कि आज़ादी के बाद से आज तक इस गांव में कोई भी युवक हाईस्कूल पास नहीं हो सका। लेकिन, राजकीय इंटर कॉलेज, अहमदपुर में पढ़ने वाले रामकेवल ऐसा करने वाले पहले छात्र बनें।

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