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सील इमारत में चल रहा था रेस्टोरेंट, लगी भीषण आग; लखनऊ में अफसरों की खुली पोल

लखनऊ: इंदिरानगर सेक्टर-8 में सोमवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वीटू रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट में अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग एसी में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। लेकिन हादसे से ज्यादा सवाल इस बात…

24GhanteOnline
August 11, 2026
3 min read
सील इमारत में चल रहा था रेस्टोरेंट, लगी भीषण आग; लखनऊ में अफसरों की खुली पोल

लखनऊ: इंदिरानगर सेक्टर-8 में सोमवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वीटू रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट में अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग एसी में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। लेकिन हादसे से ज्यादा सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि जिस इमारत को आवास विकास परिषद ने पहले ही सील कर दिया था, वहां आखिर रेस्टोरेंट का संचालन कैसे जारी रहा।

चार दमकल गाड़ियों की मदद से करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि आग लगने के वक्त रेस्टोरेंट के भीतर कोई मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया।

धुएं के गुबार के बीच बुझाई आग

रेस्टोरेंट में आग लगते ही धुआं और लपटें बाहर निकलने लगीं। आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही एफएसओ इंदिरानगर दमकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और चौकी प्रभारी ने भी पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कराया।

रेस्टोरेंट के भीतर धुआं इतना भर गया था कि दमकलकर्मियों को आग तक पहुंचने में परेशानी हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने ब्रीथिंग ऑपरेटिंग सेट पहनकर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान तेज किया। करीब एक घंटे बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

3 जुलाई को लगी थी सील, फिर भी चल रहा था कारोबार

आवास विकास परिषद के मुताबिक भवन का नक्शा आवासीय निर्माण के लिए स्वीकृत कराया गया था, लेकिन उसमें रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन पर परिषद ने 3 जुलाई को भवन को सील कर दिया था।

इसके बावजूद आरोप है कि रेस्टोरेंट चोरी-छिपे संचालित होता रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार सील की गई पट्टी के नीचे से लोगों को अंदर भेजा जाता था और यहां पार्टियां आयोजित की जाती थीं। रविवार को भी रेस्टोरेंट में पार्टी होने की बात सामने आई है।

हादसे के बाद उठे कई बड़े सवाल

आग की घटना ने आवास विकास परिषद की सीलिंग व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सीलिंग के बाद अधिकारियों ने नियमित निगरानी की होती तो शायद रेस्टोरेंट में गतिविधियां जारी नहीं रहतीं।

मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्टोरेंट के दोनों मालिकों को फटकार लगाई। इंस्पेक्टर इंदिरानगर अजय नारायण सिंह के मुताबिक अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। एफएसओ पशुपतिनाथ मिश्रा ने बताया कि भवन आवास विकास परिषद की ओर से सील किया गया था और हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

अब जांच का अहम सवाल यही है कि सील होने के बावजूद रेस्टोरेंट कैसे चलता रहा और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?

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