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हिंदू नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर जरूर करें ये काम, पूरा साल रहेगा अच्छा

हिंदू नववर्ष (New Year) बहुत विशेष होता है। हिंदू नववर्ष को नव संवत्सर कहते हैं। हिंदू नववर्ष की शुरुआत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन से ब्रह्मा जी से संसार की…

24GhanteOnline
March 17, 2026
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हिंदू नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर जरूर करें ये काम, पूरा साल रहेगा अच्छा

हिंदू नववर्ष (New Year) बहुत विशेष होता है। हिंदू नववर्ष को नव संवत्सर कहते हैं। हिंदू नववर्ष की शुरुआत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन से ब्रह्मा जी से संसार की रचना प्रारंभ की थी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से ही नवरात्रि भी शुरू होती है। इस साल हिंदू नववर्ष की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। इस दिन गुरुवार है। इस नववर्ष के राजा गुरु बृहस्पति होंगे।

ये नववर्ष विक्रम संवत 2023 रहेगा। ये रौद्र सवंत्सर होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नववर्ष का पहला दिन बेहद पवित्र होता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किए गए पूजा-पाठ, संकल्प और शुभ कार्यों से पूरे वर्ष जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सफलता और समृद्धि आती है। ऐसे में हिंदू नववर्ष के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में ये तीन काम अवश्य करें।

नववर्ष (New Year) पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर करें ये तीन काम


स्नान और पूजा: हिंदू नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानी 4 से 5 बजकर 30 मिनट के बीच उठें। इस समय में उठना बहुत ही शुभ माना गया है। इसके बाद इसी समय में स्नान करें। फिर साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं। भगवान गणेश, माता दुर्गा और भगवान विष्णु का पूजन करें। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में जो प्रार्थना की जाती है वो जल्दी स्वीकार होती है।

गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का जाप: नववर्ष के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इन दोनों ही मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है। इस समय मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है। साथ ही पूरे साल सोच सकारात्मक रहती है।

इस मंत्र का जाप: नववर्ष के पहले दिन सुबह उठकर अपनी हथेलियों को देखकर कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमूले सरस्वती, करमूले तू गोविंदा, प्रभाते कर दर्शनम् मंत्र बोलें। धार्मिक विश्वास है कि इससे देवी लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु कृपा प्राप्त होती है।

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