24 घण्टे ऑनलाइन

वैशाख माह में करें तुलसी के ये उपाय, घर से दूर हो जाएगी तंगहाली

हिंदू धर्म में तुलसी (Tulsi) के पौधे को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। इस पौधे को घर में लगाने मात्र से सकारात्मकता और सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक रूप से वैशाख मास का महत्व शास्त्रों में बहुत ही खास बताया गया…

24GhanteOnline
April 14, 2026
2 min read

हिंदू धर्म में तुलसी (Tulsi) के पौधे को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। इस पौधे को घर में लगाने मात्र से सकारात्मकता और सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक रूप से वैशाख मास का महत्व शास्त्रों में बहुत ही खास बताया गया है। स्कंदपुराण में वैशाख महीने को सभी महीनों में उत्तम बताया गया है। कहते हैं इस माह में जो भी व्यक्ति सुबह स्नान कर भगवान भगवान विष्णु की पूजा करता है, उस व्यक्ति को श्री हरि की कृपा प्राप्त होती है। इतना ही नहीं अगर वैशाख के महीने में तुलसी जाए तो इससे घर से तंगहाली दूर होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है।

वैशाख माह की शुरुआत


आज से यानी 13 अप्रैल से हिंदू नववर्ष के दूसरे माह वैशाख की शुरुआत हो गई हैं। इस माह का समापन 13 मई 2025 को होगा।

वैशाख माह तुलसी (Tulsi) के उपाय


- वैशाख माह में भगवान विष्णु और माता तुलसी (Tulsi) की पूजा का खास महत्व होता है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में वैशाख महीने के हर गुरुवार को उनकी विशेष पूजा करने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है। गुरुवार को तुलसी की पूजा करते समय एक बर्तन में 7 हल्दी की गांठ, 1 गुड़ का टुकड़ा और 7 चने की दाल डालें और उसे तुलसी के पास रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामना पूरी होती है।
- स्कंद पुराण के अनुसार, वैशाख माह में तुलसी (Tulsi) की 5 पत्तियां लेकर पीपल के पेड़ की 5 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से व्यक्ति को बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। साथ ही व्यक्ति को जीवन के सभी प्रकार के कष्टों से भी मुक्ति मिलती है। इसके अलावा घर में धन-दौलत बढ़ती है।
- वैशाख महीने के हर गुरुवार को में अगर तुलसी (Tulsi) के पास शाम के समय आटे का दीया जलाया जाए और उसमें घी की बाती रखी जाए, तो इससे मां तुलसी बहुत प्रसन्न होती हैं।

Tags:tulsi

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।