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मौनी अमावस्या के दिन न करें ये काम, मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) बहुत विशेष मानी गई है। हिंदू धर्म में मौनी का दिन जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु को समर्पित है। मौनी अमावस्या पर विधि-पूर्वक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।…

24GhanteOnline
January 22, 2025
3 min read

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) बहुत विशेष मानी गई है। हिंदू धर्म में मौनी का दिन जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु को समर्पित है। मौनी अमावस्या पर विधि-पूर्वक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के पूजन से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। इस दिन स्नान और दान भी बहुत पुण्यकारी माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त हो जाती है। इस दिन कई शुभ कार्य किए जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) तिथि


हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल अमावस्या की तिथि की शुरुआत 28 जनवरी की शाम 7 बजकर 35 मिनट पर होगी। वहीं ये तिथि 29 जनवरी को शाम 6 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। ऐसे में मौनी अमावस्या 29 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान भी किया जाएगा।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन क्या करें


- मौनी अमावस्या पर प्रात: काल जल्द उठकर स्नान कर लें।
- इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही मां गंगा की भी पूजा करें।
- इस दिन भगवान सूर्यदेव का भी पूजन अवश्य करें।
- इस दिन मौन व्रत रखें, इस दिन मौन व्रत रखना बड़ा लाभकारी माना जाता है। मौन व्रत से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
- इस दिन शाम के समय तुलसी के समाने घी का दीपक अवश्य जलाना चाहिए।
- इस दिन ‘ओम पृत देवताए नम:’ का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से पृत आशीर्वाद देते हैं।
- इस दिन सात्विक भोजन करना चाहिए।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) पर क्या न करें


- मौनी अमावस्या पर तामसिक भोजन से परहेज करें।
- मांसाहार खाने से बचें।
- शराब का सेवन भूलकर भी ना करें।
- इस दिन किसी से झगड़ा न करें।
- इस दिन झूठ बोलने से बचें।
- इस दिन देर तक न सोएं।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) का महत्व


मौनी अमावस्या के दिन को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन भगवान विष्ण, मां लक्ष्मी के पूजन और स्नान दान के साथ-साथ पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है। इस दिन पितरों का पिंडदान और तर्पण करने से उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन व्रत भी रखा जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि मौनी अमावस्या का व्रत करने से समाज में मान-सम्मान में बढ़ोतरी होती है।

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