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डीएम के औचक निरीक्षण में खुली स्कूल की हकीकत, 4 फरवरी 2025 से गैरहाजिर मिला शिक्षक

सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक…

24GhanteOnline
September 2, 2026
2 min read
डीएम के औचक निरीक्षण में खुली स्कूल की हकीकत, 4 फरवरी 2025 से गैरहाजिर मिला शिक्षक

सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक स्कूल पहुंचने से विद्यालयों में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई। उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया।

जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से उनके पाठ्यक्रम से संबंधित सवाल पूछकर शैक्षणिक स्तर का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से यह भी पूछा कि उन्हें विद्यालय में मध्याह्न भोजन नियमित रूप से मिल रहा है या नहीं और भोजन की गुणवत्ता कैसी है।

334 में 204 छात्र मिले उपस्थित, एक शिक्षक लंबे समय से गैरहाजिर

निरीक्षण के दौरान प्रधान अध्यापक श्रीमती सरिता रानी चौधरी ने जिलाधिकारी को बताया कि विद्यालय में कुल 334 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि निरीक्षण के दिन 204 विद्यार्थी उपस्थित थे। विद्यालय में कुल 12 शिक्षक कार्यरत हैं। प्रधान अध्यापक ने बताया कि शिक्षक प्रमुद अहमद 04 फरवरी 2025 से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भोजन निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने के साथ ही बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिलना जरूरी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने को कहा।

जिलाधिकारी ने शिक्षकों को समय-समय पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। । उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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