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रांची आंदोलन में बड़ा मोड़! वांगचुक की बात मान गए देवेंद्र, तोड़ा Water Fast

झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार 12वें दिन भी जारी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो (Devendra Mahto) ने…

24GhanteOnline
August 5, 2026
2 min read
रांची आंदोलन में बड़ा मोड़! वांगचुक की बात मान गए देवेंद्र, तोड़ा Water Fast

झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार 12वें दिन भी जारी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो (Devendra Mahto) ने कई दिनों से चल रहे आमरण अनशन के बीच पहली बार पानी ग्रहण किया। उन्होंने यह कदम सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के फोन पर किए गए आग्रह के बाद उठाया।

देवेंद्र महतो (Devendra Mahto) ने पहले घोषणा की थी कि वे तभी अपना अनशन समाप्त करेंगे, जब सोनम वांगचुक खुद रांची पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे। हालांकि फोन पर हुई बातचीत के बाद उन्होंने पानी पीने का फैसला किया, लेकिन स्पष्ट किया कि आंदोलन अपनी मांगों के पूरा होने तक जारी रहेगा।

फोन पर हुई लंबी बातचीत

सोनम वांगचुक ने बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो से कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए उनका स्वस्थ रहना जरूरी है। उन्होंने समझाया कि अनशन का उद्देश्य सरकार तक संदेश पहुंचाना है, न कि अपनी जान जोखिम में डालना। वांगचुक ने महतो को पानी, शहद और नींबू लेने की सलाह देते हुए महात्मा गांधी के उपवास का भी उदाहरण दिया।

बातचीत के दौरान देवेंद्र महतो ने वांगचुक से रांची आने का अनुरोध किया। इस पर वांगचुक ने भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही आंदोलनकारियों से मिलने रांची आने का प्रयास करेंगे।

परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे अभ्यर्थी जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।

कौन हैं देवेंद्र महतो?

देवेंद्र नाथ महतो लंबे समय से छात्र हितों से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं। वे वर्ष 2015 से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने तमाड़ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। आंदोलन के दौरान कई सामाजिक संगठनों ने भी उन्हें समर्थन देने की घोषणा की है।

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