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ओमैक्स रेजिडेंसी में आधी रात क्राइम ब्रांच का छापा, कस्टमर केयर के नाम पर करते थे ठगी

लखनऊ की हाई-टेक सोसाइटी ओमैक्स रेजिडेंसी (Omaxe Residency) में आधी रात को पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया। पुलिस की क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी थाने की टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर…

24GhanteOnline
July 17, 2026
2 min read
ओमैक्स रेजिडेंसी में आधी रात क्राइम ब्रांच का छापा, कस्टमर केयर के नाम पर करते थे ठगी

लखनऊ की हाई-टेक सोसाइटी ओमैक्स रेजिडेंसी (Omaxe Residency) में आधी रात को पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया। पुलिस की क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी थाने की टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। डीजीपी राजीव कृष्ण के 'साइबर वज्र' अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में आठ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। यह गिरोह कस्टमर सपोर्ट के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस ने मौके से भारी तादाद में लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर चलाए जा रहे 'साइबर वज्र' अभियान के तहत क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की।

कस्टमर सपोर्ट बनकर करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, गिरोह खुद को विभिन्न कंपनियों का कस्टमर सपोर्ट प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करता था। बातचीत के दौरान भरोसा जीतने के बाद उन्हें ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया जाता था।

एडीसीपी पूर्वी किरण यादव ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों को दो टीमों में बांटा गया था। इन्हें 'ओपनर' और 'क्लोजर' कहा जाता था। 'ओपनर' शुरुआती बातचीत कर लोगों को विश्वास में लेता था, जबकि 'क्लोजर' कॉल संभालकर कथित ठगी की प्रक्रिया पूरी करता था।

गुजरात के संचालकों पर पुलिस की नजर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर का संचालन कथित तौर पर गुजरात निवासी पुनीत वर्मा और देवेंद्र पटेल कर रहे थे। वहीं यहां काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी कोलकाता के बताए जा रहे हैं।

पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

डीसीपी क्राइम ने बताया कि 'साइबर वज्र' अभियान के तहत प्रदेशभर में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मिली सूचना के आधार पर ओमैक्स रेजिडेंसी में छापा मारा गया।

बरामद लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क किन राज्यों और देशों तक फैला था तथा अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया गया।

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