नई उद्योग नीति में बस्तर संभाग पर विशेष तौर पर फोकस : साय
रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Dev Sai) ने रविवार को एलान किया कि नई उद्योग नीति में बस्तर संभाग पर विशेष तौर पर फोकस किया जाएगा। श्री साय (CM Vishnu Dev Sai) आज कांकेर जिले के नरहरपुर में…
रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Dev Sai) ने रविवार को एलान किया कि नई उद्योग नीति में बस्तर संभाग पर विशेष तौर पर फोकस किया जाएगा।
श्री साय (CM Vishnu Dev Sai) आज कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी उपस्थित थे।
श्री साय (CM Vishnu Dev Sai) ने ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में आदिवासी समाज के ईष्ट आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए बस्तर सहित सरगुजा को विशेष तौर पर फोकस किया गया है, ताकि यहां के निवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। ब्लॉक मुख्यालय नरहरपुर के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी समाज के ईष्ट देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए उपस्थित लोगों को ठाकुर जोहारनी और नवाखाई की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह अनूठी परंपरा आगे भी जीवित रहनी चाहिए और समाज की एकजुटता हमेशा बनी रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री (CM Vishnu Dev Sai) ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आगे बढ़ें, सुशिक्षित बनें, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने बताया कि आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईआईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थाएं प्रदेश में संचालित हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी तरह प्रयास और एकलव्य जैसे श्रेष्ठ संस्थानों के माध्यम से भी लगातार सुधार के प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है और प्रदेशभर में नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं।
श्री साय (CM Vishnu Dev Sai) ने कहा कि सुरक्षा बलों को माओवाद के विरुद्ध अभियान में लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से पशुपालन, मुर्गीपालन जैसी रोजगारमूलक गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, रामलला दर्शन योजना सहित ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासियों के सतत् और समग्र विकास को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा उत्सव का कार्यक्रम है। जल, जंगल, जमीन और अपनी परंपराओं, लोकनृत्य, गीत, मांदर और मृदंग के साथ जीने वाले आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहना नितांत आवश्यक है।
कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, जिला अध्यक्ष राजेश भास्कर तथा राजाराम तोड़ेम ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय (CM Vishnu Dev Sai) ने नरहरपुर क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएँ भी कीं। इनमें 30 करोड़ की लागत से बागोड़ एनीकट का निर्माण, नरहरपुर में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापना हेतु 30 करोड़ रुपये, नरहरपुर में मावा मोदोल लाइब्रेरी के लिए 20 लाख रुपये, ग्राम ढोढ़रापहार में गोंडवाना सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, नरहरपुर में मोबाइल टॉवर की स्थापना, नरहरपुर में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और नरहरपुर विकासखंड के गोंडवाना समाज के सभी 12 मुड़ा क्षेत्रों में 12 टीन शेड निर्माण हेतु 10–10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम धनेसरा में गोंडवाना समाज द्वारा संचालित जंगोरायतार इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, नगरपालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और समाज के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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