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हरियाणा में तालाबों की बदहाली पर मुख्यमंत्री सख्त, एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

हरियाणा में अब तालाबों की खस्ताहालत पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Saini) ने कहा है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि तालाबों की हालत दोबारा बिगड़ी या काम सिर्फ कागजों में दिखा…

24GhanteOnline
June 11, 2026
2 min read
हरियाणा में तालाबों की बदहाली पर मुख्यमंत्री सख्त, एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

हरियाणा में अब तालाबों की खस्ताहालत पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Saini) ने कहा है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि तालाबों की हालत दोबारा बिगड़ी या काम सिर्फ कागजों में दिखा तो जिम्मेदारी तय होगी। सरकार ने नगर निकायों को तालाबों के पुनर्जीवन, रखरखाव और मॉनिटरिंग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब कर ली है।

मुख्यमंत्री (CM Nayab Saini) की अध्यक्षता में हुई बैठक में सामने आया कि कई स्थानों पर बहाली के बाद भी हालत संतोषजनक नहीं है। साथ ही पीडीएमएस पोर्टल पर अपडेट न होने और भौतिक व वित्तीय प्रगति का रिकॉर्ड अधूरा मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। इसके बाद कई अहम फैसले लिए गए।

सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के आसपास स्थित सभी तालाबों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट और अनुमान जल्द तैयार किए जाएंगे। मकसद केवल पानी संरक्षित करना नहीं, बल्कि इन तालाबों को शहरों और कस्बों की पहचान बनाना भी है।

बैठक में निर्देश दिए गए कि मौजूदा पौधरोपण सीजन का पूरा उपयोग करते हुए तालाबों के आसपास बड़े स्तर पर हरियाली विकसित की जाए। इसके साथ सफाई, रखरखाव और सौंदर्यीकरण को नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि बहाल किए गए तालाब कुछ समय बाद फिर खराब न हो जाएं। सरकार ने साफ कहा है कि बारिश शुरू होने से पहले सभी तालाबों की डिसिल्टिंग पूरी होनी चाहिए। इसके अलावा तालाबों के आसपास चरणबद्ध तरीके से सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की संभावनाएं भी तलाशने को कहा गया है, ताकि सुरक्षा और नागरिक सुविधाएं बेहतर हो सकें।

सीएम (CM Nayab Saini) ने सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की है। जिन तालाबों की स्थिति दोबारा खराब हुई या रखरखाव में लापरवाही सामने आई, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ चिन्हित तालाबों में तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा गया है। बैठक के सभी फैसलों को ‘मोस्ट अर्जेंट’ श्रेणी में रखते हुए सभी निकायों से एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है।

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