24 घण्टे ऑनलाइन

हिमालय भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का आधार: सीएम धामी

देहरादून। हिन्दी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति’ के प्रवेशांक का विमोचन…

24GhanteOnline
September 14, 2026
2 min read
हिमालय भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का आधार: सीएम धामी

देहरादून। हिन्दी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति’ के प्रवेशांक का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमालयी संस्कृति और विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि ‘हिमालयन संस्कृति’ पत्रिका के माध्यम से हिमालयी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्थाओं, रीति-रिवाजों, लोक कला, लोक साहित्य, इतिहास और विरासत के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न आयामों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास सराहनीय है।

युवा पीढ़ी को हिमालयी विरासत से जोड़ेगी पत्रिका

सीएम धामी ने कहा कि हिमालय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से युवा पीढ़ी को परिचित कराने में ऐसी पत्रिकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘हिमालयन संस्कृति’ हिमालयी समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ-स्रोत बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण के साथ हिमालयी पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना भी जरूरी है। इस दिशा में पत्रिका के माध्यम से किए जा रहे प्रयास नई सोच और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने में सहायक होंगे।

हिमालयी लोक स्मृतियों और परंपराओं को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने का प्रयास

पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल ने कहा कि ‘हिमालयन संस्कृति’ के प्रवेशांक में हिमालयी संस्कृति के विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। इसमें हिमालय की लोक स्मृतियों, परंपरागत ज्ञान, लोक कलाओं, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरणीय चेतना को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

संस्कृति प्रेमियों ने दी शुभकामनाएं

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ), भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद खंडूरी, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष प्रसाद सती, सदस्य राजपाल जड़धारी, विपिन, वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

सभी ने पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल को हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को केंद्र में रखकर की गई इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें