सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें इस मंत्र का जाप, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति
जीव जगत को प्रकाशित करने वाले सूर्य देव (Surya Dev) की कृपा पाना जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। शास्त्रों में भगवान भास्कर को जगत की आत्मा कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान सूर्य देव को ग्रह मंडल का राजा कहा है।…
जीव जगत को प्रकाशित करने वाले सूर्य देव (Surya Dev) की कृपा पाना जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। शास्त्रों में भगवान भास्कर को जगत की आत्मा कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान सूर्य देव को ग्रह मंडल का राजा कहा है। इन्हें राज-सुख, सरकार पक्ष, विवेक, शिक्षा, नेतृत्व आदि से जुड़ा कारक ग्रह माना जाता है।
रविवार का दिन सूर्य देव (Surya Dev) को समर्पित है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने और उन्हें जल चढ़ाने से सूर्य भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होता है। इस दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें और सूर्य देव को सबसे पहले अर्घ्य दें। इस बात का खास ख्याल रखें, कि अर्घ्य देते समय जल में रोली, लाल फूल, अक्षत, शक्कर, चंदन मिलाएं। इसके बाद में मंदिर में दीपक जलाकर सूर्य देव का ध्यान करें और इस मंत्र का जाप करें ॐ सूर्याय नमः
पंचदेवों में सूर्य ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते है। मान्यता है कि जो रोज सूर्य देवता (Surya Dev) को जल चढ़ाते हैं उन्हें यश-पुण्य, सुख-सौभाग्य और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
सूर्य को अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।
आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर, दिवाकर नमस्तुभ्यं, प्रभाकर नमोस्तुते
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
