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जौहर यूनिवर्सिटी बचाने की मुहिम तेज, अखिलेश ने रामपुर भेजी अपनी पूरी 'फौज'

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) की 38 इमारतों को गिराने के रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस कार्रवाई के…

24GhanteOnline
July 23, 2026
2 min read
जौहर यूनिवर्सिटी बचाने की मुहिम तेज, अखिलेश ने रामपुर भेजी अपनी पूरी 'फौज'

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) की 38 इमारतों को गिराने के रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के निर्देश पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय (Mata Prasad Pandey) के नेतृत्व में पार्टी का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा है। सपा प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य जिलाधिकारी रामपुर को ज्ञापन सौंपकर इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग करना तथा विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति का जायजा लेना है।

समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'बुलडोजर एक्शन' की कड़ी आलोचना करते हुए इसे संवैधानिक भावना और 'शिक्षा के अधिकार' पर हमला करार दिया है। पार्टी का कहना है कि वर्ष 2006 में सपा नेता आजम खान (Azam Khan) द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय में नाममात्र की फीस पर सभी धर्मों के, विशेषकर गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में शैक्षणिक इमारतों पर बुलडोजर चलाना छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलने और उन्हें शिक्षा से वंचित करने जैसा है।

Sp Delegation

दूसरी ओर, प्रशासनिक रुख स्पष्ट करते हुए रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 'उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973' की धारा 27 के तहत यह आदेश जारी किया है।

प्राधिकरण के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर की कुल 40 इमारतों में से केवल मेडिकल कॉलेज और एक एकेडमिक ब्लॉक का ही स्वीकृत नक्शा जिला पंचायत से मिला था, जबकि शेष 38 इमारतों का निर्माण बिना किसी सक्षम प्राधिकारी से नक्शा पास कराए कराया गया था। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन और सपा का तर्क है कि जब ये इमारतें बनी थीं, तब यह क्षेत्र आरडीए के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था, इसलिए वर्तमान नियमों के आधार पर इन्हें अवैध घोषित करना अनुचित है।

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