24 घण्टे ऑनलाइन

धनतेरस पर इस समय खरीदें झाड़ू, साल भर घर में रहेगा मां लक्ष्मी का वास

हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस पर्व मनाया जाता है। धनतेरस (Dhanteras) पर झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि झाड़ू खरीदते समय समय का भी विशेष ध्यान रखना…

24GhanteOnline
October 15, 2025
2 min read

हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस पर्व मनाया जाता है। धनतेरस (Dhanteras) पर झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि झाड़ू खरीदते समय समय का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। पंडित आशीष शर्मा के मुताबिक, धनतेरस के दिन यदि शुभ समय में झाड़ू खरीदी जाती है तो पूरे वर्ष देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

धनतेरस (Dhanteras) पर इसलिए खरीदते हैं झाड़ू


पंडित आशीष शर्मा के अनुसार, मत्स्य पुराण में बताया गया है कि झाड़ू देवी लक्ष्मी का रूप होती है। यह घर में स्वच्छता लाती है। पौराणिक मान्यता भी है कि देवी लक्ष्मी का वास उसी स्थान पर होता है, जहां पर साफ-सफाई होती है। धनतेरस की दिन शुभ मुहूर्त में झाड़ू खरीदने से साल भर मां लक्ष्मी का घर में वास होता है।

धनतेरस (Dhanteras) पर सूर्यास्त से पहले खरीदें


धनतेरस के दिन कभी भी रात में झाड़ू नहीं खरीदना चाहिए। इस दिन दोपहर के बाद और सूर्यास्त से पहले खरीद लें। रात के समय झाड़ू खरीदने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है। इस बात का भी ध्यान रखें कि धनतेरस पर विषम संख्या में झाड़ू नहीं खरीदना चाहिए। हमेशा सम संख्या 2, 4, 6, 8 झाड़ू खरीदना चाहिए।

घर में झाड़ू रखने के ये नियम


वास्तु शास्त्र के मुताबिक, झाड़ू खरीद कर लाने के बाद उसे सफेद रंग का धागा बांधना चाहिए। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न रहती है। घर में झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए। हमेशा लिटा कर ही रखना चाहिए। घर में झाड़ू को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए, जहां बार-बार दिखाई नहीं देती हो। घर में कभी भी टूटी हुई झाड़ू नहीं रखना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि झाड़ू को कभी भी गलती से भी पैर नहीं लगना चाहिए। धनतेरस के अलावा अमावस्या, मंगलवार, शनिवार और रविवार के दिन झाड़ू खरीदना शुभ होता है।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।