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कच्छ से लेकर कोहिमा तक खिला भाजपा का कमल : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने पश्चिम बंगाल सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर शुभेन्दु अधिकारी को बधाई एवं उज्ज्वल…

24GhanteOnline
May 9, 2026
3 min read
कच्छ से लेकर कोहिमा तक खिला भाजपा का कमल : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने पश्चिम बंगाल सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर शुभेन्दु अधिकारी को बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी है। उप मुख्यमंत्री केशव ने शनिवार काे अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लिखा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और आपके नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास, सुशासन और समृद्धि के नए युग की ओर तेज़ी से अग्रसर होगा।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी का आना अनुच्छेद-370, श्रीराम मंदिर, समान नागरिक संहिता और सीएए से कम नहीं : केशव प्रसाद माैर्य

केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने आगे लिखा कि नया सवेरा, नया उत्साह, नई रफ़्तार-पश्चिम बंगाल में आ गई है भाजपा सरकार। उप मुख्यमंत्री ने लिखा कि सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की विजय का महत्व किसी भी मायने में अनुच्छेद-370, श्रीराम मंदिर, समान नागरिक संहिता और सीएए से कम नहीं है। कुछ साल पहले तक असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना ‘स्वप्न सरीखा’ था। मुस्लिम वोट बैंक की पीठ पर सवार रहने वाले कथित धर्मनिरपेक्ष दल घुड़की देते थे कि असम और पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोट करीब 30 प्रतिशत से अधिक है, ऐसे में इन राज्यों में सत्ता में रहने का केवल उनका हक है और भाजपा को इन राज्यों की ओर देखना भी नहीं चाहिए।

उप मुख्यमंत्री (Keshav Prasad Maurya) ने लिखा कि पश्चिम बंगाल में आजादी के वक्त हिंदू-मुस्लिम आबादी का अनुपात लगभग 80-20 था, जो अब बदलकर करीब 71-29 में तब्दील हो चुका है। असम में तो जनसंख्या असंतुलन और भी भयावह है, जहां मुस्लिम आबादी लगभग 35 फ़ीसदी है। घुसपैठ को ‘बढ़ावा’ देकर कथित धर्मनिरपेक्ष दल इस बदलते जनसांख्यिकीय संतुलन को अपनी ‘सत्ता की चाबी’ मानते रहे। यही घुड़की वे बिहार और उत्तर प्रदेश में भी देते थे कि इतनी सीटों पर मुस्लिम प्रभाव है, इसलिए भाजपा अपने बूते कभी सरकार नहीं बना सकती। लेकिन प्रधानमंत्री माेदी के कुशल नेतृत्व में भाजपा ने सभी प्रकार की चुनौतियों से लोहा लेते हुए एक से बढ़कर एक किले फतह किए हैं। ‘कच्छ से लेकर कोहिमा’ तक आज भाजपा का कमल खिला है। देश के 21 राज्यों में एनडीए समेत भाजपा की सरकारें जनसेवा के नए मानक स्थापित कर रही हैं। वह दिन अब दूर नहीं जब दक्षिण भारत में भी पूर्ण रूप से कमल खिलेगा, क्योंकि वहां भी परिवर्तन और राष्ट्रवाद के प्रकाश की किरण पहुंच चुकी है।

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