24 घण्टे ऑनलाइन

बसंत पंचमी कब है, सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में माघ का महीना त्योहारों का महीना कहा जाता है, क्योंकि इसमें सकट चौथ, षटतिला एकादशी, मौनी अमावस्या और गुप्त नवरात्रि जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। माघ माह में पड़ने वाले त्योहारों में से एक बसंत पंचमी…

24GhanteOnline
January 30, 2025
2 min read

हिंदू धर्म में माघ का महीना त्योहारों का महीना कहा जाता है, क्योंकि इसमें सकट चौथ, षटतिला एकादशी, मौनी अमावस्या और गुप्त नवरात्रि जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। माघ माह में पड़ने वाले त्योहारों में से एक बसंत पंचमी (Basant Panchami) भी है। यह दिन ज्ञान और संगीत की देवी सरस्वती माता की पूजा को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता की उपासना करने से व्यक्ति की खुशियों में वृद्धि होती है।

हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी (Basant Panchami) मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ही मां सरस्वती का जन्म हुआ था। इसी उपलक्ष्य में घर, मंदिरों व शिक्षा से जुड़े सभी संस्थानों में सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है। बसंत पंचमी का दिन विद्यार्थियों के लिए बेहद खास माना गया है।

मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि देवी सरस्वती की उपासना से विद्यार्थियों के कला-कौशल में निखार और ज्ञान में वृद्धि होती हैं। बसंत पंचमी को आमतौर पर सरस्वती पूजा भी कहा जाता है। वहीं, इस साल वसंत पंचमी की डेट को लेकर कंफ्यूजन बनी हुई है। ऐसे में इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए आपको बताते हैं कि साल 2025 में बसंत पंचमी कब है और सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त कब है।

फरवरी में बसंत पंचमी (Basant Panchami) कब है


पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनट से शुरू होगी। वहीं, इस पंचमी तिथि का समापन 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 2 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी।

सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त


इस साल 2 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप इस दौरान सरस्वती पूजा कर सकते हैं।

बसंत पंचमी (Basant Panchami) शुभ योग


पंचांग के अनुसार, 2 फरवरी को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र बनेगा, जिस पर शिव और सिद्ध योग का संयोग रहने वाला है। इस तिथि पर सूर्य मकर राशि में रहेगे।

अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:13 से 12:56 मिनट तक।
अमृतकाल – रात 08:24 से 09:53 मिनट तक।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

करवा चौथ पर इन दिशाओं में करें पूजा, खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन

Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार,…

कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को विशेष फलदायी तिथि माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कोजागरी पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।…

मनी प्लांट इस जगह रखने से हो सकती है धन की हानि

हर पौधे के लिए एक दिशा निर्धारित है। घर में मनी प्लांट (Money Plant) लगाने से धन और सुख-समृद्धि बढ़ती है, लेकिन गलत दिशा में रखे मनी प्लांट की वजह से आपको पैसों का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। >> मनी प्लांट (Money…