Apple ने लॉन्च किया नया AirTag, अब फाटक से मिल जाएगा खोया हुआ सामान
Apple ने भारत में अपने लोकप्रिय ट्रैकिंग डिवाइस AirTag का सेकंड जेनरेशन मॉडल लॉन्च कर दिया है। लगभग पांच साल बाद आए इस नए AirTag में हार्डवेयर लेवल पर कई अहम सुधार किए गए हैं। कंपनी ने इसमें नया Ultra Wideband चिप,…

Apple ने भारत में अपने लोकप्रिय ट्रैकिंग डिवाइस AirTag का सेकंड जेनरेशन मॉडल लॉन्च कर दिया है। लगभग पांच साल बाद आए इस नए AirTag में हार्डवेयर लेवल पर कई अहम सुधार किए गए हैं। कंपनी ने इसमें नया Ultra Wideband चिप, ज्यादा तेज आवाज वाला स्पीकर और बेहतर Precision Finding रेंज दी है। खास बात यह है कि डिजाइन और साइज पहले जैसा ही रखा गया है, ताकि पुराने यूजर्स को कोई परेशानी न हो।
भारत में कीमत और उपलब्धता
Apple सेकंड जेनरेशन AirTag की भारत में कीमत 3,790 रुपये रखी गई है। वहीं चार AirTag का पैक 12,900 रुपये में उपलब्ध होगा। ग्राहक Apple की वेबसाइट और Apple Store ऐप से इसे खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि Apple इस AirTag पर फ्री एन्ग्रेविंग की सुविधा भी दे रहा है, जिससे यूजर्स अपना नाम या इमोजी खुदवा सकते हैं।
नया UWB चिप और बेहतर Precision Finding
नए AirTag में सेकंड जेनरेशन Ultra Wideband चिप दी गई है। कंपनी के मुताबिक इससे Precision Finding की रेंज करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। यानी अब यूजर्स अपने खोए हुए बैग, चाबी या अन्य सामान को ज्यादा दूर से और ज्यादा सटीक तरीके से ढूंढ पाएंगे। इसके अलावा Bluetooth कनेक्टिविटी रेंज में भी सुधार किया गया है, जिससे Find My नेटवर्क और ज्यादा भरोसेमंद बन गया है।
अब ज्यादा तेज बजेगा AirTag का स्पीकर
Apple ने नए AirTag के अंदरूनी डिजाइन में भी बदलाव किया है। इसमें नया स्पीकर लगाया गया है, जो पुराने मॉडल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत ज्यादा तेज आवाज करता है। कंपनी का दावा है कि अब AirTag की आवाज पहले से दोगुनी दूरी तक सुनी जा सकती है। इससे भीड़भाड़ वाली जगहों या बड़े कमरों में खोया सामान ढूंढना आसान हो जाता है।
बैटरी, प्राइवेसी और फीचर्स
कंपनी का कहना है कि नया AirTag पहले की तरह CR2032 कॉइन सेल बैटरी पर चलता है और एक साल से ज्यादा का बैटरी बैकअप देता है। इसमें IP67 रेटिंग दी गई है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहता है। AirTag iOS 26 या उससे नए iPhone और iPadOS 26 वाले iPad के साथ काम करता है। एपल का कहना है कि लोकेशन डेटा पूरी तरह प्राइवेट रहता है और AirTag किसी भी तरह की लोकेशन हिस्ट्री अपने अंदर सेव नहीं करता।
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