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Ankita Bhandari Case: हत्या के तीनों आरोपी दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

कोटद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। तीनों दोषियों के खिलाफ कोर्ट ने उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की…

24GhanteOnline
May 30, 2025
3 min read

कोटद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। तीनों दोषियों के खिलाफ कोर्ट ने उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों- पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया।

तीन साल पुराने इस केस में उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश की नजरें कोर्ट के इस फैसले का इंतजार कर रही थीं। सुनवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र कोर्ट परिसर के 200 मीटर के दायरे को पुलिस ने सील कर दिया गया। सिर्फ वकील, केस से जुड़े पक्ष और जरूरी स्टाफ को ही अंदर जाने की अनुमति थी। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।

2022 में हुई थी हत्या


ऋषिकेश के करीब वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीया अंकिता (Ankita Bhandari) की सितंबर, 2022 में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो अन्य कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर चीला नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी।

शुरुआती जांच में सामने आया कि रिजॉर्ट में एक ‘वीआईपी’ अतिथि को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने से अंकिता ने मना कर दिया था और इसी से उपजे विवाद के चलते उसकी हत्या कर दी गई। भाजपा के पूर्व नेता का पुत्र आर्य और दो अन्य आरोपी-अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर इस समय जेल में बंद हैं।

पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए थे। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई थी, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 97 गवाह नामित किए गए थे, जिनमें से अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों को पेश किया था।

रिजॉर्ट से गायब हो गई थी अंकिता (Ankita Bhandari)


ऋषिकेश के निकट वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीया अंकिता (Ankita Bhandari) 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई। पांच दिन बाद 24 सितंबर को ऋषिकेश के नजदीक चिल्ला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया था। मामला सामने आने के बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

रिजॉर्ट मालिक और उसके साथियों ने दिया था वारदात को अंजाम


जब मामले की जांच शुरू हुई तो अंकिता (Ankita Bhandari) को गायब करने, उसकी हत्या और शव को नहर में फेंकने में पुलकित आर्य और उसके दो साथियों की सहभागिता सामने आई। शुरुआती जांच ऐसे तथ्य सामने आए, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल खड़े कर दिए। पता चला कि रिजॉर्ट में काम करने के दौरान वहां ‘वीआईपी’ अतिथि को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ के लिए अंकिता को रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने फोर्स किया था। अंकिता ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद ही विवाद शुरू हुआ था।

Ankita Bhandari Case: हत्या के तीनों आरोपी दोषी करार, तीन साल बाद आया फैसला


इसी विवाद को लेकर रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो अन्य कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर चीला नहर में धक्का देकर अंकिता की हत्या कर दी। इस मामले का मुख्य आरोपी पुलकित और उसके दो साथी- अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर इस समय जेल में बंद हैं।

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