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आंगनबाड़ी बहनें बच्चों के पोषण का ध्यान रख विकसित भारत की नींव रखें : बेबी रानी मौर्य

वाराणसी। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya) ने कहा कि इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है।…

24GhanteOnline
September 9, 2026
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आंगनबाड़ी बहनें बच्चों के पोषण का ध्यान रख विकसित भारत की नींव रखें : बेबी रानी मौर्य

वाराणसी। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya) ने कहा कि इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। आंगनबाड़ी बहनों पर बच्चों के पोषण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास का ध्यान रखकर विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य कर रही हैं।

बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक्ड मील, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, पोषण के साथ प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य की चिंता जैसे आयामों को धरातल पर उतारा जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए किताबें और खिलौने भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पोषण माह अभियान कुपोषण से मुक्ति के साथ स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की थी। आज पोषण का यह संकल्प जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियां जब जनता के जीवन से जुड़ती हैं तो वे संस्कृति का हिस्सा बन जाती हैं।

उन्होंने कहा कि देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ और सशक्त भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जनविश्वास को विकास की आधारशिला बनाया है। एक समय उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय थी, लेकिन 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार से सांसद सावित्री ठाकुर ने बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को नमन करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में पोषण अभियान के अंतर्गत देशभर में 150 करोड़ से अधिक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य कर रही है।

विभिन्न प्रदेशों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। गांधीनगर, गुजरात से आईं भावना ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति अब काफी बेहतर हुई है। लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे अपने बच्चों को केंद्रों पर भेज रहे हैं। गर्भवती महिलाएं पोषाहार को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सलाह लेती हैं। बच्चों के जन्म के बाद भी अभिभावक उनके खानपान को लेकर मार्गदर्शन लेते हैं। कई बच्चे घर पर खाना खाने में आनाकानी करते थे, लेकिन केंद्र पर उनकी जरूरत को समझकर भोजन दिया गया तो वे चाव से खाने लगे।

तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई से आईं आर. शंकरी ने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशुओं के स्वास्थ्य और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चों का बेहतर विकास देखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खुशी होती है कि उनके प्रयास से देश का भविष्य बेहतर हो रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण और बाल विकास के क्षेत्र का ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ बताया।

गोरखपुर के बसियाखोर आंगनबाड़ी केंद्र की संध्या सिंह ने बताया कि बच्चों का समय-समय पर वजन और लंबाई मापी जाती है। इससे उनके पोषण की स्थिति का पता चलता है। कुपोषण की ओर बढ़ रहे बच्चों की विशेष निगरानी की जाती है और उनके अभिभावकों से मिलकर खानपान एवं देखभाल के बारे में जानकारी दी जाती है।

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