मुख्य सचिव बोले- दूरस्थ इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्राथमिकता
देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन (Anand Bardhan) ने बुधवार को सचिवालय स्थित अपने सभागार में उत्तराखण्ड दौरे पर आए नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास एवं उनकी टीम का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। बैठक के दौरान राज्य…
24GhanteOnline
July 8, 20263 min read

देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन (Anand Bardhan) ने बुधवार को सचिवालय स्थित अपने सभागार में उत्तराखण्ड दौरे पर आए नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास एवं उनकी टीम का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। बैठक के दौरान राज्य की ओर से प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने राज्य की प्रगति एवं सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक नीति आयोग डॉ. सोनिया पंत ने प्रदेश की मुख्य उपलब्धियों और आर्थिक रूपरेखा पर प्रस्तुतिकरण दिया।
मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने सदस्य नीति आयोग एवं उनकी टीम का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड ने राज्य गठन के बाद आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पर्यटन और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड कई संकेतकों पर अग्रणी राज्यों में से एक के रूप में उभरा है। राज्य ने सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में शीर्ष रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को सरल बनाने एवं नागरिक-अनुकूल नियामक प्रक्रियाओं के ज़रिए जीवन-यापन को आसान बनाने की दिशा में कार्य हुआ है।
मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में दूर-दराज के क्षेत्रों में किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना एक चुनौती बनी हुई है। महिलाओं और बच्चों में कुपोषण को दूर करने एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में नीति आयोग से लगातार और असरदार तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है। हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य से जुड़ी क्षेत्रीय समस्याओं, क्लिनिकल बेस्ट प्रैक्टिस, क्षमता निर्माण, टेलीमेडिसिन और आपातकालीन देखभाल पर स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए एम्स और ऐसे ही अन्य सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस को नॉलेज पार्टनर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सदस्य नीति आयोग डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि उत्तराखण्ड विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े आउटकम इंडीकेटर्स और एसडीजी लक्ष्यों पर और अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड की स्थिति मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर आदि में राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, परन्तु इनमें और सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी और टीबी ट्रीटमेंट की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाने पर जोर देते हुए उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किए जाने की बात कही। कहा कि आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल सेवाओं को मज़बूत बनाया जाए। इसके साथ ही आयुष को मजबूत करते हुए, आयुष ईकोसिस्टम विकसित किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, उप सचिव नीति आयोग श्री दीपक कुमार एवं ओएसडी नीति आयोग डॉ. शोभित कुमार सहित शासन से अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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