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मुख्य सचिव ने की प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड में रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में संचालित और…

24GhanteOnline
September 2, 2026
3 min read
मुख्य सचिव ने की प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड में रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में संचालित और प्रस्तावित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं, भूमि संबंधी मामलों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े विषयों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव ने ब्रिडकुल को प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं के प्रभावी संचालन और नियमन के लिए रोपवे रेग्यूलेशन एवं रूल्स शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बदल सकती है रोपवे से

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे कनेक्टिविटी पर्यटन और यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर होने के साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी आवागमन की सुविधाएं मिल सकती हैं।

उन्होंने सभी रोपवे परियोजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, परियोजनाओं में पार्किंग डेवलपमेंट को अनिवार्य रूप से शामिल करने को कहा, ताकि रोपवे के संचालन के साथ आसपास की यातायात व्यवस्था पर भी दबाव न बढ़े।

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे की प्रगति की समीक्षा

बैठक में केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को परियोजनाओं की आगामी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था के बीच बेहतर तालमेल के लिए नोडल अधिकारी नामित करने को भी कहा।

नैनीताल की दो प्रमुख रोपवे परियोजनाओं पर भी चर्चा

नैनीताल क्षेत्र की रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने रानीबाग-ज्योलीकोट-हनुमानगढ़ी-कैंचीधाम तथा रानीबाग-भीमताल-भवाली रोपवे परियोजनाओं में संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने एनएचएलएमएल और यूकेएमआरसी को आपसी समन्वय के साथ परियोजनाओं का इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही यूकेएमआरसी की परियोजना के फाइनल अप्रूवल की प्रक्रिया जल्द पूरी करने तथा फाइनल डीपीआर और डीएफसी से संबंधित प्रक्रियाओं को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

औली, जोशीमठ और अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा

मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग की ओर से निर्माणाधीन या प्रस्तावित जोशीमठ-औली-गोरसों, रैथल-बारसू और पुरकुल रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा यमुनोत्री-जानकी चट्टी, हनुमानचट्टी-पूर्णागिरि और तपोवन-कुंजपुरा रोपवे परियोजनाओं से जुड़े लंबित कार्यों की भी जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने भूमि संबंधी मामलों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा, ताकि परियोजनाओं की आगे की कार्यवाही में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी प्रक्रिया, भूमि अथवा विभागीय समन्वय से जुड़ी अड़चनें सामने आएं, उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार, एनएचएलएमएल एवं यूकेएमआरसी के अधिकारियों के साथ संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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