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आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल के नियम

आज लगने वाला साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात करीब 9:04 बजे शुरू होगा और इसका प्रभाव मध्यरात्रि के बाद तक रहेगा। चूंकि उस समय भारत में रात होगी, इसलिए देश…

24GhanteOnline
August 12, 2026
2 min read
आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल के नियम

आज लगने वाला साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात करीब 9:04 बजे शुरू होगा और इसका प्रभाव मध्यरात्रि के बाद तक रहेगा। चूंकि उस समय भारत में रात होगी, इसलिए देश में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

इसका सीधा मतलब है कि देशभर में मंदिर अपने निर्धारित समय पर खुले रहेंगे और पूजा-पाठ की नियमित व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। लोगों को ग्रहण के कारण अपनी सामान्य दिनचर्या में किसी तरह का बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी।

सूतक को लेकर क्या कहते हैं शास्त्रीय नियम?

धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण के सूतक को उसकी दृश्यता से जोड़ा गया है। माना जाता है कि जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई देता है, वहीं सूतक काल के नियम लागू होते हैं। जहां ग्रहण दृश्य नहीं होता, वहां इन नियमों का पालन आवश्यक नहीं माना जाता।

12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां रहने वाले लोगों के लिए सूतक काल लागू नहीं होगा और सामान्य धार्मिक गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

मंदिरों के कपाट बंद होंगे या खुले रहेंगे?

भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण मंदिरों के कपाट बंद करने की आवश्यकता नहीं होगी। मंदिरों में नियमित पूजा, आरती और दर्शन अपने निर्धारित समय के अनुसार किए जा सकेंगे।

भक्त भी सामान्य रूप से मंदिर जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। ग्रहण की वजह से धार्मिक गतिविधियों पर किसी तरह की रोक नहीं रहेगी।

शुभ कार्यों पर भी नहीं पड़ेगा असर

सूतक काल लागू नहीं होने के कारण भारत में दैनिक जीवन और शुभ कार्यों पर भी ग्रहण का कोई धार्मिक प्रतिबंध नहीं रहेगा। लोग अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम कर सकते हैं।

भोजन बनाने, खाने-पीने, यात्रा करने या अन्य सामान्य गतिविधियों पर भी कोई रोक नहीं होगी। यानी भारत में इस सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों को सूतक या दिनचर्या प्रभावित होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

हालांकि, ग्रहण को लेकर अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं में मतभेद हो सकते हैं। ऐसे में धार्मिक आस्था के अनुसार नियम मानने वाले लोग अपने स्थानीय पंचांग या परंपरा के अनुसार निर्णय ले सकते हैं।

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