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साल 1930 के बाद रक्षाबंधन पर बनेगा दुर्लभ महासंयोग, इस शुभ मुहूर्त में बांधें राखी

हर साल सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसे आमतौर पर राखी के नाम से जानते हैं। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी…

24GhanteOnline
August 7, 2025
3 min read

हर साल सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसे आमतौर पर राखी के नाम से जानते हैं। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहनों को गिफ्ट के साथ ही उनके सुख-दुख में साथ देने का वचन भी देते हैं। पूरे देश में यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा।

ज्योतिष के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर दशकों बाद एक ऐसा पर दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो कभी साल 1930 में बना था। आसान शब्दों में कहें तो साल 2025 में रक्षाबंधन का दिन, पूर्णिमा संयोग, नक्षत्र, राखी बांधने का समय साल 1930 के लगभग समान है। इसके अलावा, रक्षाबंधन के दिन कई मंगलकारी योगों का निर्माण भी होने जा रहा है। अगर आप इन योगों में लक्ष्मी-नारायण जी की पूजा कर राखी बांधते हैं, तो आपको दोगुना फल मिल सकता है।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) 2025 शुभ मुहूर्त


पंचांग के मुताबिक, सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 8 अगस्त को दोपहर 2:12 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 9 अगस्त को दोपहर 1:24 मिनट पर होगा। हालांकि, 8 अगस्त को भद्रा दोपहर 2:12 मिनट से लेकर 9 अगस्त को तड़के रात 1:52 मिनट तक है। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार 8 अगस्त नहीं, बल्कि 9 अगस्त को मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) शुभ योग


इस साल रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के दिन सौभाग्य योग बन रहा है। 9 अगस्त से लेकर 10 अगस्त को देर रात 2:15 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा। इसके बाद शोभन योग बनेगा। वहीं, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग 9 अगस्त को सुबह 5:47 मिनट से लेकर दोपहर 2:23 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, श्रवण नक्षत्र दोपहर 2:23 मिनट तक है। जबकि करण, बव और बालव के संयोग भी इस दिन हैं। ऐसे में इन शुभ योगों में राखी का त्योहार मनाया जाएगा।

साल 1930 में रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर ऐसा था पंचाग


वैदिक पंचांग के मुताबिक, साल 1930 में रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) 9 अगस्त को मनाया गया था और इस दिन भी शनिवार था। साथ ही, इस दिन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत दोपहर 2:07 मिनट पर हुई थी। ऐसे में साल 2025 और 1930 में पूर्णिमा तिथि शुरू होने में महज 5 मिनट का अतंर है। वहीं, 1930 में भी रक्षाबंधन पर सौभाग्य योग और श्रवण नक्षत्र का संयोग था। इसके अलावा, बव और बालव करण के संयोग भी बने थे। ऐसे में कुल मिलाकर देखा जाए तो 95 सालों के बाद रक्षाबंधन समान दिन, समय, नक्षत्र और योग में मनाया जाएगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त


रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 05:21 मिनट से लेकर दोपहर 01:24 मिनट तक रहेगा। इस समय तक बहनें अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

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