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पिछले ग्यारह वर्षों में भारत में खेल का एक नया युग शुरु हुआ : राजनाथ सिंह

लखनऊ। लखनऊ के के.डी.सिंह बाबू स्टेडियम में सोमवार को आयोजित सांसद खेल महाकुम्भ को संबोधित करते हुए देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ाई है।…

24GhanteOnline
April 13, 2026
3 min read

लखनऊ। लखनऊ के के.डी.सिंह बाबू स्टेडियम में सोमवार को आयोजित सांसद खेल महाकुम्भ को संबोधित करते हुए देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। गटका, मल्लखंब, थांग-टा, कलरीपयट्टू और योगासन जैसी विभिन्न विधाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार स्कॉलरशिप्स दे रही है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 1000 खेलो इंडिया सेंटर्स की भी स्थापना की जा रही है। करीब 2 दर्जन नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी खोले गए हैं। इन सेंटर्स पर प्रदर्शन को सुधारने के लिए ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट दिया जा रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि अब राज्यों में भी स्पोर्ट्स स्पेशलाइज्ड हायर एजुकेशन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश बहुत प्रशंसनीय काम कर रहा है। मेरठ में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय का उदाहरण हमारे सामने है।

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पोर्ट्स को एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। देश की पहली राष्ट्रीय खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण से इसमें और मदद मिलेगी। खेलो इंडिया प्रोग्राम से एक और उत्साहजनक परिणाम हमारी बेटियों की भागीदारी को लेकर आया है। देश के अनेक शहरों में खेलो इंडिया वीमेन्स लीग का आयोजन किया जा रहा है। इनमें महिलाओं की भागीदारी काफ़ी अधिक है।

रक्षामंत्री (Rajnath Singh) ने कहा कि बीते वर्षों में कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। ये दिखाता है कि भारत के हमारे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास आज कितना बुलंद है। आज गांवों के पास भी आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। देश के दूर-सुदूर में भी अब बेहतर मैदान, आधुनिक स्टेडियम, आधुनिक ट्रेनिंग फैसिलिटी बनाई जा रही हैं। यूपी में भी स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट्स पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि खेलो इंडिया अभियान के तहत हमारी सरकार स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब-करीब पाँच हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। बढ़ते हुए स्पोर्ट्स इंफ्रा की वजह से अब ज्यादा खिलाड़ियों के लिए खेल से जुड़ना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार, आज खेल और खिलाड़ियों से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान कर रही है। पिछले ग्यारह वर्षों में भारत में खेल का एक नया युग शुरु हुआ है। ये नया युग विश्व में भारत को सिर्फ एक बड़ी खेल शक्ति बनाने भर का ही नहीं है। बल्कि ये खेल के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी नया दौर है।

रक्षामंत्री (Rajnath Singh) ने कहा कि भारत में पिछले दस-बारह वर्षों में खेलों को लेकर माहौल काफ़ी बदला है। अब भारत बड़े-बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल साबित हो रहा है। महत्वपूर्ण है कि समाज में खेल और खिलाड़ियों के महत्व को न केवल समझा जाये बल्कि उन्हें फलने-फूलने का पूरा अवसर भी दिया जाये।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल मंत्री गिरीश यादव, सांसद राज्यसभा संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री डा.महेन्द्र सिंह, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान, अवनीश पटेल व विधायक डा.नीरज बोरा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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