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वोटिंग से ठीक पहले अनंत सिंह की बढ़ी मुश्किलें, दुलारचंद हत्याकांड में 'छोटे सरकार' के खिलाफ केस दर्ज

बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से जेडीयू के बाहुबली प्रत्याशी और पूर्व विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) एक बार फिर विवादों में हैं। जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की…

24GhanteOnline
October 31, 2025
2 min read

बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से जेडीयू के बाहुबली प्रत्याशी और पूर्व विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) एक बार फिर विवादों में हैं। जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह पर केस दर्ज किया गया है। वहीं इस पूरे मामले में अनंत सिंह की तरफ से भी केस दर्ज कराया गया है। इस मामले में दोनों पक्षों के द्वारा लिखित आवेदन दिए गए हैं।

मृतक के परिजनों ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर सिंह समेत पांच लोगों पर आरोप लगाया है। आरोप है कि अनंत सिंह (Anant Singh) के लोगों ने पहले गोली मारी और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। पुलिस ने मृतक के पोते के बयान पर केस दर्ज किया है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

क्या है पूरा विवाद?


मोकामा विधानसभा सीट से JDU ने अनंत सिंह और RJD से सूरजभान सिंह की पत्नी को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा जनसुराज ने पीयूष प्रियदर्शी को उम्मीदवार बनाया है। भतीजे के प्रचार के लिए चाचा दुलार चंद्र पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछे अनंत सिंह (Anant Singh) पर आरोप लगाया गया, जबकि अनंत सिंह ने सूरजभान पर आरोप लगाया है।

मोकामा में पहले चरण में वोटिंग कराई जानी है। अनंत सिंह और सूरजभान दोनों बाहुबली लंबे समय से राजनीति में हैं। अनंत इस सीट से 5 बार विधायक चुने गए, जबकि सूरजभान सिंह पूर्व सांसद हैं।

वोटिंग से ठीक पहले अनंत सिंह अब फंस गए हैं। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों पुलिस की तरफ से क्या कार्रवाई की जाती है। बहरहाल, घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस मामले को नियंत्रण में बता रही है।

खुद पर लगे आरोपों पर क्या बोले थे अनंत सिंह?

अनंत सिंह ने खुद पर लगे आरोपों पर कहा, हम लोग टाल पर वोट मांग रहे थे। फिर हमने देखा कि 7 गाड़ियां खड़ी हैं। मुझे लगा कि कोई वोट मांग रहा है। इसके बाद मुर्दाबाद की नारेबाजी शुरू हो गई, फिर करीब 30 गाड़ियां आगे बढ़ गईं। 10 गाड़ियां पीछे रह गईं। उन गाड़ियों पर पथराव शुरू हो गया। सड़क पर ईंट-पत्थर, रोड़े रखे गए थे। पूरी तैयारी की गई थी। ये सारा खेल सूरजभान का है। दुलारचंद को उसने अपने यहां रखा था। वो उसी के साथ रहता था।

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