2026 से 16GB RAM फोन मार्केट से हो जाएंगे गायब! ये है बड़ा कारण
स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा बदलाव आने वाला है. जो 16GB RAM फोन कभी फ्लैगशिप की पहचान थे, वे अब गायब हो रहे हैं. ग्लोबल RAM शॉर्टेज और AI इंडस्ट्री की तेज रफ्तार ने मोबाइल कंपनियों को मुश्किल में डाल दिया है. नतीजा यह है…
स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा बदलाव आने वाला है. जो 16GB RAM फोन कभी फ्लैगशिप की पहचान थे, वे अब गायब हो रहे हैं. ग्लोबल RAM शॉर्टेज और AI इंडस्ट्री की तेज रफ्तार ने मोबाइल कंपनियों को मुश्किल में डाल दिया है. नतीजा यह है कि 2026 से कंपनियां या तो फोन महंगे करेंगी या फिर स्पेसिफिकेशन घटाएंगी. इसी वजह से 4GB RAM वाले फोन की वापसी की तैयारी शुरू हो चुकी है.
2026 से क्यों गायब हो सकते हैं 16GB RAM स्मार्टफोन
साउथ कोरियन टिप्स्टर Lanzuk (yeux1122) के मुताबिक, ग्लोबल मेमोरी शॉर्टेज के चलते स्मार्टफोन कंपनियां 2026 में 16GB RAM वेरिएंट लॉन्च करना बंद कर सकती हैं. RAM की बढ़ती कीमतों ने OEMs की मार्जिन पर दबाव बढ़ा दिया है. ऐसे में कंपनियों के पास दो ही रास्ते बचते हैं, या तो कीमत बढ़ाएं या फिर हार्डवेयर को डाउनग्रेड करें. यही वजह है कि हाई RAM फोन अब फायदे का सौदा नहीं रह गए हैं.
RAM की कीमतों में भारी उछाल ने बिगाड़ा गणित
iQOO इंडिया के CEO निपुण मार्या ने खुलासा किया कि सितंबर से नवंबर के बीच मेमोरी कंपोनेंट की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर फोन की कॉस्टिंग पर पड़ा है. इसी कारण सैमसंग की Galaxy A सीरीज और Apple के आने वाले iPhone 17 की कीमतें बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं. PC सेगमेंट में भी HP जैसी कंपनियां कीमत बढ़ाने और स्पेसिफिकेशन घटाने के संकेत दे चुकी हैं.
12GB घटेगा, 6GB-8GB बढ़ेगा, फिर होगी 4GB की एंट्री
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में 12GB RAM मॉडल्स की संख्या 40 प्रतिशत से ज्यादा घट सकती है. कंपनियां 6GB और 8GB RAM को मेनस्ट्रीम बनाने की रणनीति अपना रही हैं. लेकिन अगर RAM की कमी और बढ़ती है, तो 8GB वेरिएंट भी दबाव में आ सकता है. ऐसे हालात में 4GB RAM वाले फोन की वापसी मिड-रेंज सेगमेंट तक हो सकती है, जो कुछ साल पहले तक सिर्फ एंट्री-लेवल तक सीमित थे.
AI बूम बना ग्लोबल RAM संकट की असली वजह
इस पूरी RAM शॉर्टेज के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है. OpenAI, Google, Microsoft और Anthropic जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स बना रही हैं. AI ऑपरेशन के लिए भारी मात्रा में RAM की जरूरत होती है, जिससे सप्लाई स्मार्टफोन और PC इंडस्ट्री तक कम पहुंच रही है. यही AI रेस अब मोबाइल यूजर्स की जेब और फोन के स्पेसिफिकेशन दोनों पर असर डालने वाली है.
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