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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां बनेंगी ‘सुनीता विलियम्स'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां भी अंतरिक्ष विज्ञान की…

24GhanteOnline
February 18, 2026
3 min read
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां बनेंगी ‘सुनीता विलियम्स'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां भी अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सीख रहीं हैं। बागपत जनपद के छपरौली ब्लॉक में स्थापित अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी लैब (Astronomy Lab) से ग्रामीण छात्राओं के सपनों को उड़ान मिलेगी।

ब्लॉक संसाधन केंद्र परिसर में बनाई गई इस हाईटेक खगोलशास्त्र प्रयोगशाला के माध्यम से छपरौली ब्लॉक की लगभग 100 बालिकाओं को आधुनिक विज्ञान को समझने का अवसर मिल रहा है। प्रयोगशाला में 45 प्रकार के प्रयोगों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे छात्राएं अंतरिक्ष से जुड़े जटिल सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझ रहीं हैं।

योगी सरकार के इस प्रयास से अब ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राएं भी टेलिस्कोप संचालित करने से लेकर नाइट-स्काई ऑब्जर्वेशन तक की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

आकाशीय पिंडों की स्थिति, गति और संरचना को डिजिटल माध्यम से समझ रहीं हैं बेटियां


सीएम योगी की इस दूरदर्शी पहल से विज्ञान शिक्षा को नई गति मिल रही है। ब्लॉक संसाधन केंद्र छपरौली में स्थापित एस्ट्रोनॉमी लैब (Astronomy Lab) को हाईटेक टेक्नोलॉजी से विकसित किया गया है।

बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ छात्राओं को एस्ट्रोनॉमी सॉफ्टवेयर के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे वे आकाशीय पिंडों की स्थिति, गति और संरचना को डिजिटल माध्यम से समझ रहीं हैं। इस तरह का व्यावहारिक प्रशिक्षण छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में बेहद सहायक होगा।

टेलिस्कोप से चंद्रमा देख बढ़ रहा आत्मविश्वास


इस पहल की सबसे खास बात यह है कि अब छात्राएं स्वयं टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा और अन्य आकाशीय पिंडों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर रही हैं। जब एक बालिका अपने हाथों से टेलिस्कोप चलाकर चंद्रमा देखती है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास और जिज्ञासा दोनों का विकास होता है।

अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े करियर के बारे में गंभीरता से समझ रहीं बालिकाएं


कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय छपरौली की सभी छात्राएं इस लैब में नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं। नाइट-स्काई प्रेक्षण जैसी गतिविधियां उनके लिए रोमांचक अनुभव साबित हो रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि इससे बालिकाओं की विज्ञान के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है और वे अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े करियर के बारे में गंभीरता से सोचने लगी हैं।

एआई-संचालित स्मार्ट क्लास से मिल रही आधुनिक शिक्षा


जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि बागपत में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के 25 सरकारी विद्यालयों में एआई-संचालित स्मार्ट क्लास शुरू की गई हैं। इनके माध्यम से बच्चों को इंटरैक्टिव और तकनीक आधारित शिक्षा मिल रही है, जिससे सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।

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